आपके सभी काम बिगड़ रहे हैं, कहीं आपने दो से ज्यादा रत्न तो नहीं पहना है न?।।

आपके सभी काम बिगड़ रहे हैं, कहीं आपने दो से ज्यादा रत्न तो नहीं पहना है न?।। Do Se Jyada Ratna Pahanana Ho Sakata Hai Hanikarak.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों यह बात बिलकुल सही है, अगर आपने किसी ज्योतिषी के कहने से दो से ज्यादा रत्न धारण कर रखा है, तो किसी जानकार ज्योतिषी से मिलिए । क्योंकि दो से ज्यादा ग्रहों का रत्न एक साथ पहनना आपके लिये हानिकारक सिद्ध हो सकता है ।।

भूलकर भी ना पहनें दो से ज्यादा रत्न । रत्नों का ग्रहों की राशियों से केवल गहरा संबंध ही नहीं है, अपितु यदि उनका सही ढंग से चुनाव किया जाना भी उससे ज्यादा जरुरी होता है ।।

बिना गंभीरतापूर्वक विचार किये अगर कोई भी स्टोन धारण करना खतरे से खाली नहीं होगा । हाँ अगर हम सही ढ़ंग से विचार करके स्टोन धारण करते हैं तो ऐसे स्टोन व्यक्ति के जीवन में अकल्पनीय परिवर्तन लाने में सक्षम होते हैं ।।

ऐसे स्टोन नकारात्मक शक्तियों का डटकर सामना करने की शक्ति और जीवन ऊर्जा से भरपूर बनाते हैं । कुण्डली में जो ग्रह शुभ स्थानों के स्वामी होकर अशुभ स्थानों में स्थित हो जाता है वह निर्बल हो जाता है । ऐसे ग्रह से संबंधित रत्न धारण से ग्रह को शक्ति मिलती है ।।

परन्तु जो ग्रह अशुभ स्थान का स्वामी हो, पाप ग्रहों की संगत में बैठा हो या उनसे देखा जाता हो या अन्य कारण से दूषित हो ऐसे ग्रहों के रत्न पहने का अर्थ होगा कि उसकी विघटनकारी, अमंगलकारी शक्ति को उत्प्रेरित करना है ।।

Grahon ka Ratna Soch-Samajhkar Pahane Nukashan Kar Sakata Hai

इसके साथ जो शुभ ग्रह है और अन्य कारणों से भी शुभ है तो उसका रत्न पहनना निःसंदेह उपयोगी होता है । क्योंकि उसकी प्रखरता में वृद्धि होने से संभावित अवरोध भी दूर होंगे ।।

सही रत्न का चुनाव कर शुभ मुहूर्त में अँगूठी बनवाकर एवं शुभ मुहूर्त में सही उँगली में अँगूठी धारण करने पर ही रत्न लाभकारी होता है ।

रत्नों का ग्रहों की राशियों से केवल गहरा संबंध ही नहीं है, अपितु यदि उनका सही ढंग से चुनाव किया जा सके तो वे धारण करने वाले व्यक्ति के जीवन में अकल्पनीय परिवर्तन लाने में भी सक्षम होते हैं ।।

कई बार देखने में आता है, कि एक व्यक्ति दो या दो से अधिक रत्न धारण कर लेते हैं । आजकल तो पाँचों उँगलियों में, बल्कि एक से अधिक रत्न एक ही उँगली में धारण कर लेते हैं ।।

ऐसे रत्नों का फल निष्फल या विपरीत भी हो जाता है । ज्योतिष शास्त्रानुसार दो या दो रत्नों को धारण करते समय भी अति सावधानी रखना चाहिए । समान तत्व वाली राशियों के स्वामी के तथा मित्र ग्रहों के रत्नों को ही एकसाथ धारण करना चाहिए ।।

शत्रु ग्रहों के रत्नों को धारण करना निषेध है । बिना जानकारी के अथवा कम जानकार ज्योतिषियों के अनुसार बहुत से रत्न धारण करना आपके सभी कार्यों को स्थगित करके आपके जीवन में अड़चनों का अम्बार लगा सकता है ।।

आप जब भी कोई अंगूठी में नंग धारण करना चाहें तो किसी श्रेष्ठ विद्वान् से सलाह लें, कि कौन-कौन से रत्न एकसाथ धारण करें एवं कौन-कौन से रत्न साथ में धारण नहीं करें ।।

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